“PAN” और “TAN” दोनों भारत सरकार द्वारा जारी किए गए कर-संबंधी पहचान पत्र हैं, लेकिन इन दोनों का उपयोग और उद्देश्य अलग-अलग होता है।
नीचे इनके बीच का पूरा अंतर दिया गया है:
🧾 PAN (Permanent Account Number) क्या है?
PAN एक 10-अंकों की अल्फ़ान्यूमेरिक संख्या होती है जो भारत में Income Tax Department द्वारा जारी की जाती है। यह मुख्य रूप से व्यक्तियों और संस्थाओं की आयकर से जुड़ी गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए उपयोग होता है।
🔹 PAN के उपयोग:
- आयकर रिटर्न (ITR) भरने के लिए
- बैंक खाता खोलने के लिए
- उच्च मूल्य के लेनदेन (जैसे 50,000 रुपये से अधिक) के लिए
- शेयर, म्यूचुअल फंड, आदि में निवेश करने के लिए
- प्रॉपर्टी खरीद/बिक्री करते समय
🔹 PAN किसे लेना होता है?
- कोई भी व्यक्ति, फर्म, कंपनी, ट्रस्ट, आदि जिनकी आय कर के दायरे में आती है, उन्हें PAN की आवश्यकता होती है।
🧾 TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) क्या है?
TAN भी एक 10-अंकों की अल्फ़ान्यूमेरिक संख्या होती है जो उन लोगों/संस्थाओं को दी जाती है जो Tax Deduct at Source (TDS) या Tax Collected at Source (TCS) से संबंधित कार्य करते हैं।
🔹 TAN के उपयोग:
- TDS काटने और सरकार को जमा करने के लिए
- TDS रिटर्न भरने के लिए
- फॉर्म 16/16A इशू करने के लिए
🔹 TAN किसे लेना होता है?
- वे संस्थाएं या व्यक्ति जो किसी की आय से TDS काटते हैं (जैसे कंपनियाँ, नियोक्ता, बैंक आदि), उन्हें TAN लेना जरूरी होता है।
📊 PAN और TAN में मुख्य अंतर:
| बिंदु | PAN (Permanent Account Number) | TAN (Tax Deduction Account Number) |
|---|---|---|
| उद्देश्य | आयकर से संबंधित पहचान | TDS/TCS से संबंधित लेन-देन के लिए |
| किसे आवश्यक है? | आय कमाने वाले सभी व्यक्ति/संस्थाएं | TDS काटने वाले व्यक्ति/संस्थाएं |
| फॉर्मेट | ABCDE1234F | ABCD12345E |
| जारी करने वाली संस्था | आयकर विभाग | आयकर विभाग |
| उपयोग | ITR भरना, बैंक, निवेश आदि | TDS काटना, TDS रिटर्न, फॉर्म 16 देना |
PAN = आपकी आय से संबंधित पहचान
TAN = जब आप किसी और की आय पर TDS काटते हैं, तब आवश्यक
अगर आप एक सामान्य नौकरीपेशा व्यक्ति हैं, तो आपको सिर्फ PAN की जरूरत होगी।
अगर आप एक संस्था चलाते हैं और किसी की पेमेंट से TDS काटते हैं, तब आपको TAN भी लेना होगा।

