अगर आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो गया है (जैसे कि पैसा कट गया, बैंक अकाउंट से छेड़छाड़ हुई, या आपकी निजी जानकारी चुराई गई है), तो घबराएं नहीं – तुरंत और सही कदम उठाने से नुकसान को रोका जा सकता है या उसकी भरपाई हो सकती है।
यहाँ पर फ्रॉड होने के बाद करने वाले जरूरी कदम दिए गए हैं:
✅ 1. तुरंत बैंक को सूचित करें
- अपने बैंक या वॉलेट कंपनी (Paytm, PhonePe, Google Pay आदि) को तुरंत कॉल करें या ऐप से रिपोर्ट करें।
- ट्रांज़ेक्शन ब्लॉक करवाएं और अकाउंट को फ्रीज़ या होल्ड पर रखें।
- बैंक से शिकायत नंबर / रेफरेंस नंबर लें।
📞 बैंक की कस्टमर केयर नंबर वेबसाइट या कार्ड पर होती है।
✅ 2. साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
- भारत सरकार की साइबर फ्रॉड इमरजेंसी हेल्पलाइन है: 📞 1930
- यह 24×7 नंबर है – जितनी जल्दी कॉल करेंगे, उतना अच्छा (24 घंटे के अंदर सबसे अच्छा रिजल्ट मिलता है)।
🚨 यह सेवा National Cyber Crime Reporting Portal द्वारा चलाई जाती है।
✅ 3. ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
- वेबसाइट पर जाएँ: https://www.cybercrime.gov.in
- “Report Financial Fraud” पर क्लिक करें और सारी डिटेल भरें (फ्रॉड का समय, ट्रांजैक्शन ID, फोन नंबर आदि)।
💡 आप चाहें तो शिकायत को ट्रैक भी कर सकते हैं।
✅ 4. नजदीकी साइबर थाना या पुलिस स्टेशन जाएं (अगर ज़रूरत हो)
- कुछ मामलों में FIR दर्ज करवाना ज़रूरी होता है, खासकर अगर:
- बहुत बड़ी रकम का नुकसान हुआ है
- आपकी निजी जानकारी का गलत उपयोग हुआ है (जैसे Aadhaar, PAN, फोटो आदि)
✅ 5. UPI ऐप्स में ‘Report Fraud’ का इस्तेमाल करें
- जैसे GPay, PhonePe, Paytm में ही ट्रांज़ेक्शन हिस्ट्री के पास “Report Problem” या “Raise Dispute” का ऑप्शन होता है।
✅ 6. Passwords और PINs तुरंत बदलें
- अपना:
- बैंक का पासवर्ड
- UPI पिन
- ईमेल पासवर्ड
- सोशल मीडिया अकाउंट्स (अगर लिंक थे)
⚠️ इन बातों का ध्यान रखें:
- फ्रॉड की सूचना देने में देरी मत करें – जल्दी करने से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
- जितनी ज्यादा जानकारी देंगे (Transaction ID, Screenshots), उतनी जल्दी कार्रवाई होगी।
- सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर करने से बचें।

